वेंकटरमन रामकृष्णन; उर्फ वेन्की उन तीन वैज्ञानिकों में से एक हैं, जिन्हें वर्ष 2009 के रसायनशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इन वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार उनके द्वारा कोशिकाओं में प्रोटीन उत्पादन केन्द्र रूप कोशिकांग रिबोसोमों की परमाणु-दर-परमाणु संरचना के उद्घाटन के लिए प्रदान किया गया था। प्रगति-अंकाक्षी परिवार रू वेन्की का जन्म, सन् 1952 में, भारत के तमिलनाडु प्रांत के चिदाम्बरम् शहर में हुआ था। मन्दिरों का यह प्राचीन नगर अपने नटराज मन्दिर के लिए जगत प्रसिद्ध है। उनके पिता श्री सी.वी.रामकृष्णन जीव रसायन शास्त्रा में पी.एच.डी.
थे और उनके जन्म के समय विस्कोन्सन विश्वविद्यालय में प्रसिद्ध एन्जाइमोलोजिस्ट डेविड ग्रीन के मार्गदर्शन में पोस्ट डॉक्टरल फैलोशिप कर रहे थे तथा माता आर. राजलक्ष्मी चिदाम्बरम के ही अन्नामलाई विश्वविद्यालय में अध्यापिका थी। उनके माता-पिता अपने अध्ययन-अध्यापन के प्रति समर्पित थे और वेन्की का लालन-पालन संयुक्त परिवार में दादा-दादी तथा ऑन्टी गोमती के प्रेम की छाया में भली प्रकार हुआ। उस प्रेम पूर्ण वातावरण का ही प्रभाव था कि 1वर्ष के वेन्की को अपने परिवार की गोद में छोड़ कर उनके पिता एक वर्ष की नेशनल रिसर्च काउंसिल फैलोशिप पर उनकी माता के साथ ओटावा जा सके। जब वेन्की 3 वर्ष के थे तो उनके पिता को महाराजा सयाजीवराव विश्वविद्यालय बड़ौदा, अब का वडोदरा, में जीव रसायन विभाग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति मिल गई। वेन्की के पिता ने न केवल विभाग के लिए अध्ययन-अध्यापन के साधन जुटाए बल्कि अनुसंधान की सामग्री और मनोवृत्ति का निर्माण भी किया। अल्पसाधनों से उन्होंने कुछ ही समय में अन्तराष्ट्रीय प्रतिष्ठा प्राप्त पत्रिका ‘नेचर’ में दो शोघपत्र प्रकाशित किए। पति की प्रेरणा से राजलक्ष्मी ने मैकगिल विश्वविद्यालय में प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक डोनाल्डहैब के मार्गदर्शन में पीएचडी के लिए फैलोशिप प्राप्त की और 18 मास से कम समय
📌 हमारे प्रेरणा स्रोत भारतीय वैज्ञानिक (Atmakur)
🏢 Ebookselibrary
📍 Atmakur
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